योग दर्शनम् (महर्षि व्यास भाष्य)

By DARSHAN YOG DHARMARTH TRUST (ROJAD)

150.00

105.00 30% OFF

Format Hardcopy
Author SWAMI SATYAPATI JEE APARIVRAJAK
Editor / Translator Name स्वामी सत्यपति जी परिव्राजक
Writer Name स्वामी सत्यपति जी परिव्राजक
Publisher Name DARSHAN YOG DHARMARTH TRUST (ROJAD)
Language Hindi
No. of Pages 368
ISBN 978-81-936179-5-3

Description

योग दर्शन आध्यात्मिक जगत में साधना का एक आधार है । महर्षि पतंजलि जी ने वेदों में उपलब्ध योग विद्या को मानव मात्र के कल्याणार्थ सूत्र रूप में निबद्ध किया था । महर्षि पतंजलि के योग सूत्र पर महर्षि व्यास कृत प्रामाणिक भाष्य उपलब्ध है । जो कि महर्षि पतंजलि के आशय को स्पष्ट करने में परम सहायक है और जिससे हम योग विद्या को समझते हुए आत्मसात् कर सकते हैं । आर्य जगत के प्रतिष्ठित योगनिष्ठ पूज्य स्वामी सत्यपति जी परिव्राजक रचित इस पर विस्तृत व्याख्या वाली 'योगार्थ प्रकाश' नामक टीका युक्त यह बृहद ग्रंथ है । 

 

Great Value

Safe Payment

Shop With Confidence

24/7 Help Center